रेत की मछली "जहां दर्ज हैं देवता के गुनाह" (लेखिका : कान्ता भारती)
एक कहानी लिखी गीतांजलि श्री ने "रेत समाधि" जिस पर लेखिका को माॅ-बेटी के सम्बन्ध का चित्रण करने पर बुकर पुरस्कार मिला।
एक कहानी है,गुनाहों का देवता जिसमे चन्दर,सुधा को अपना पवित्र प्रेम बताता नहीं दिखता, इसकी चर्चा अलग से करेगें।
अब बात करते है, रेत की मछली, मछली जल की रानी होती है,बाहर निकलने पर तडपती है। ऐसी मछली जो जल मे भी तडप रही हो,रेत मे आने पर जल को ही देखती है। लैकिन कर भी क्या सकती है,जल तो उसके लिए यातना का सागर है।
कुन्तल, अपने माता-पिता के विरोध के बावजूद अपने ऑफिस के दम्पति के बहकावे मे शोभन से विवाह कर लेती है। एक अनुभवी पिता,अपनी बेटी की जिद के आगे बेबस है। रेत की मछली की तडप इतनी गहरी है,कि अपनी कहानी भी एक सुर मे कह जाती है,गुनाहों के देवता जैसा रस नहीं मिल पाता। मिलता है,तो गहरा क्षोभ।

पिता,बेटी की खुशी के लिए शादी तो कर देता है, उसका अनुभव उसे बता ही देता बेटी कष्ट मै है- " आप इतनी ऊँची आवाज मै बोल रहे थे कि काफी कुछ मैने बाहर से ही सुन लिया था और अब अच्छा हो कि मुझे इसे ले ही जाने दीजिए।
1950 के दशक मे भारतीय समाज तलाक शब्द को सुनना भी नहीं चहाता होगा,उस समय कुन्तल ने, इसे जिया। मीनल,जिसे राखी बाॅधती है,उसे ही अपने प्रेमपाश मे बाॅध लेगी,ऐसा कुन्तल न,सपने मे भी नही सोचा होगा।
कुन्तल एक सशक्त चरित्र है, जो आन्नद साहब की जबरदस्ती,रमण की कामुकता को लात मारकर अपने नपुंसक पति शोभन का साथ देती है। शोभन अपनी महत्वकांक्षा को पाने के लिए हर बार कुन्तल का उपयोग करता है। कुन्तल हर बार ठगी जाती है। कुन्तल की दोस्त कुमुद उसका सहारा बनती है।
कहानी,कुन्तल बहुत जल्दी मे कह गई है,यातना और मीनल- शोभन के घिनौने सहवास का चित्रण,सिहरन पैदा कर देता है। आज भी हर लडकी के लिए प्रासंगिक,कहानी पहले आत्मनिर्भर बनो फिर प्रेम को ढूढों,देवता तो गुनाह करके भी पुजे जाते है,देवियाॅ,लुटती है,पीटती है,फिर भी हँसती है।

दृश्यम 3, अजय देवगन की फिल्म तो आ गई, गुनाहों का देवता की तीसरी किश्त नहीं आई,अभी तोरू है जो इस कहानी की धुन्ध को साफ करेगी, या कहे करना चाहिए।
अब कहानी क्या है,तोरू कौन है,आन्नद साहब ने क्या किया,इलाहाबाद और दिल्ली से लेकर मुम्बई तक नपुंसक शोभन कैसे अशोभन हो गया,जानने के लिए खुद पडे लोकभारती पेपरबैक्स से प्रकाशित,"रेत की मछली" जिसकी कीमत है 299 रुपए।






Nice 👌